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जब आपको पता हो कि आप गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ हैं, तो शारीरिक और मानसिक तौर पर अपना खà¥à¤¯à¤¾à¤² रखना और à¤à¥€ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ जरà¥à¤°à¥€ हो जाता है। यदि आप इन कà¥à¤› आसान दिशा-निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ का पालन करें, तो समसà¥à¤¯à¤¾à¤®à¥à¤•à¥à¤¤ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के साथ à¤à¤• सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ शिशॠको जनà¥à¤® दे सकतीं हैं:
1. जलà¥à¤¦ से जलà¥à¤¦ डॉकà¥à¤Ÿà¤° से मिलें
अचà¥à¤›à¥€ पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ देखà¤à¤¾à¤² आपके और गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके लिठबहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ है। इसलिठडॉकà¥à¤Ÿà¤° को तà¥à¤°à¤‚त फोन करें और अपना पहला पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ अपà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚टमेंट तय करें।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ में जलà¥à¤¦à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ चेक-अप करवाने के निमà¥à¤¨ फायदे हैं:
आपको शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से ही सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठअचà¥à¤›à¥€ सलाह मिल जाà¤à¤—ी।
आपके पास कोई à¤à¥€ जरà¥à¤°à¥€ अलà¥à¤Ÿà¥à¤°à¤¾à¤¸à¤¾à¤‰à¤‚ड सà¥à¤•ैन या टेसà¥à¤Ÿ करवाने का परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ समय होगा।
कà¥à¤› विशेष सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ परिसà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठजांच हो सकेगी, जिनमें अतिरिकà¥à¤¤ देखà¤à¤¾à¤² की जरà¥à¤°à¤¤ हो या फिर जिनसे जटिलताà¤à¤‚ हो सकती हों।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° के साथ पहले अपà¥à¤µà¤¾à¤‡à¤‚टमेंट में कà¥à¤¯à¤¾ होता है, यहां जानें।
यदि आपने अà¤à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° का चयन नहीं किया है, तो यह अब शà¥à¤°à¥ कर दें। इस​के लिठदोसà¥à¤¤à¥‹à¤‚ और परिवारजनों से सà¥à¤à¤¾à¤µ लें या फिर आप हमारी कमà¥à¤¯à¥à¤¨à¤¿à¤Ÿà¥€ में गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ गà¥à¤°à¥à¤ª में या अपने बरà¥à¤¥ कà¥à¤²à¤¬ में अनà¥à¤¯ गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं से à¤à¥€ पूछ सकती हैं। à¤à¤• अचà¥à¤›à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° वही है, जो आपकी वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿à¤—त देखà¤à¤¾à¤² कर सके, आपको सवाल पूछने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करे, आपको पूरी अहमियत देते हà¥à¤ आपके सवालों का जवाब धैरà¥à¤¯à¤¤à¤¾ से दे।
आदरà¥à¤¶ रूप में, à¤à¤¸à¥€ डॉकà¥à¤Ÿà¤° का चयन करें, जिनका कà¥à¤²à¤¿à¤¨à¤¿à¤• या असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² आपके घर के पास हो। आपको किसी आपात सà¥à¤¥à¤¿à¤¤à¤¿ में उन तक जलà¥à¤¦à¥€ पहà¥à¤‚चने की जरà¥à¤°à¤¤ हो सकती है, इसलिठयह अचà¥à¤›à¤¾ होगा कि उनका मोबाइल नंबर अपने पास ही रखें।
सही डॉकà¥à¤Ÿà¤° और असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² ढूंढ़ने में समय लग सकता है। इस बीच आप अपनी वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ डॉकà¥à¤Ÿà¤° को अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बारे में बताà¤à¤‚। यदि आप कोई दवाà¤à¤‚ ले रही हैं या कोई चिकितà¥à¤¸à¤•ीय समसà¥à¤¯à¤¾ है, तो यह à¤à¥€ उनà¥à¤¹à¥‡à¤‚ बताà¤à¤‚। वे à¤à¥€ आपको किसी डॉकà¥à¤Ÿà¤° या असà¥à¤ªà¤¤à¤¾à¤² के बारे में सà¥à¤à¤¾à¤µ दे सकती हैं।
2. अचà¥à¤›à¤¾ खाà¤à¤‚
कोशिश करें कि जब à¤à¥€ संà¤à¤µ हो आप सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥, संतà¥à¤²à¤¿à¤¤ आहार ही खाà¤à¤‚। इसमें निमà¥à¤¨ चीजों का सेवन शामिल है:
रोजाना कम से कम पांच हिसà¥à¤¸à¥‡ फल और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚
सà¥à¤Ÿà¤¾à¤°à¥à¤šà¤¯à¥à¤•à¥à¤¤ à¤à¥‹à¤œà¤¨ (कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸) जैसे चावल, रोटी, बà¥à¤°à¥‡à¤¡ और पासà¥à¤¤à¤¾à¥¤ आप जो à¤à¥€ खाती हैं, उनमें à¤à¤• तिहाई से थोड़ा जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ हिसà¥à¤¸à¤¾ कारà¥à¤¬à¥‹à¤¹à¤¾à¤‡à¤¡à¥à¤°à¥‡à¤Ÿà¥à¤¸ का होना चाहिà¤à¥¤ सफेद की बजाय संपूरà¥à¤£ अनाज वाली वैरायटी चà¥à¤¨à¥‡à¤‚, ताकि आपको परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ फाइबर मिल सके।
रोजाना पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ से à¤à¤°à¤ªà¥‚र खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन जैसे मछली, कम वसा वाला मांस, अंडे, बीनà¥à¤¸ जैसे राजमा, लोबिया, मूंग और साबà¥à¤¤ मूंग, मेवे, सोया और दाल-दलहन। शाकाहारियों के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ के बेहतरीन सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤à¥‹à¤‚ के बारे में यहां जानें।
पà¥à¤°à¤¤à¤¿à¤¦à¤¿à¤¨ दूध और डेयरी उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦à¥‹à¤‚ का सेवन करें, जैसे दूध, दही, चीज़, छाछ व पनीर। अगर आपको दूध नहीं पचता है या लैकà¥à¤Ÿà¥‹à¤¸ असहिषà¥à¤£à¥à¤¤à¤¾ है, तो कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® यà¥à¤•à¥à¤¤ अनà¥à¤¯ विकलà¥à¤ª जैसे छोले, राजमा, जई (ओटà¥à¤¸), बादाम, सोया दूध और सोया पनीर (टोफू) का चयन कर सकते हैं।
सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में दो हिसà¥à¤¸à¥‡ मछली, जिनमें से à¤à¤• हिसà¥à¤¸à¤¾ तैलीय मछली जैसे कि रावस, पेड़वे या बांगड़ा का होना चाहिà¤à¥¤ मछली में पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨, विटामिन डी, खनिज और ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ होते हैं, जो आपके शिशॠके तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा तंतà¥à¤° के विकास के लिठजरà¥à¤°à¥€ होते हैं।
यदि आपको मछली पसंद नहीं है या आप शाकाहारी हैं, तो आप ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ अनà¥à¤¯ खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ से पा सकती हैं जैसे कि मेवे, बीज, सोया उतà¥à¤ªà¤¾à¤¦ और हरी पतà¥à¤¤à¥‡à¤¦à¤¾à¤° सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¤¾à¤‚।
आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में दो लोगों के लिठखाने की जरà¥à¤°à¤¤ नहीं है। à¤à¤¾à¤°à¤¤ में अधिकांश डॉकà¥à¤Ÿà¤° दूसरी और तीसरी तिमाही में 300 अतिरिकà¥à¤¤ कैलोरी के सेवन की सलाह देते हैं। फिर à¤à¥€ यह धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रखें कि गरà¥à¤ में à¤à¤• ननà¥à¤¹à¤¾ शिशॠपल रहा है जिसके लिठआपको खाना है, न कि किसी बड़े वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ ​के लिà¤à¥¤ सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ तरीके से जरà¥à¤°à¥€ कैलोरी पाने के तरीके यहां जानें।
जलनियोजित रहें। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपके शरीर में पानी की मातà¥à¤°à¤¾ बढ़ जाती है ताकि आपका बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ सà¥à¤¤à¤° पर बना रहे।
हर दिन करीब आठसे 12 गिलास पानी पीने की कोशिश करें। आप मलाई रहित (डबल टोनà¥à¤¡) या कम मलाई वाला (टोनà¥à¤¡) दूध या इन पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• और ताजगीपूरà¥à¤£ पेयों को à¤à¥€ तरल के सेवन में शामिल कर सकती हैं। कैफीनयà¥à¤•à¥à¤¤ और कृतà¥à¤°à¤¿à¤® सà¥à¤µà¤¾à¤¦ वाले पेयों का सेवन न करें और फलों का ताजा जूस और सूप पीà¤à¤‚।
हर तिमाही के लिठहमारी आहार योजना देखें।
3. खाने की सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ विशेषतौर पर जरà¥à¤°à¥€ होती है। धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ दें कि आप कà¥à¤¯à¤¾ खा रही हैं। कà¥à¤› खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ का सेवन गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ नहीं होता। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि इनमें जीवाणॠ(बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾) या परजीवी (पैरासाइट) हो सकते हैं, जिनसे आपके शिशॠके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ को खतरा हो सकता है। नीचे और अधिक जानें।
लिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¤¾
लिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸, लिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ से होने वाला इनफेकà¥à¤¶à¤¨ है। हालांकि गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिला का इससे पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ होना दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है, मगर यदि यह हो जाठतो इसका गंà¤à¥€à¤° पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µ हो सकता है। ​लिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ की वजह से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤, जनà¥à¤® के बाद शिशॠगंà¤à¥€à¤° रूप से बीमार या यहां तक कि मृत शिशॠका जनà¥à¤® (सà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¬à¤°à¥à¤¥) हो सकता है।
निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ में लिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ हो सकता है, इसलिठइनका सेवन न करना ही बेहतर है:
कचà¥à¤šà¤¾ दूध
अपाशà¥à¤šà¥à¤¯à¥à¤°à¥€à¤•ृत दूध
अधपके à¤à¥‹à¤œà¤¨ जैसे कि रेडीमेड à¤à¥‹à¤œà¤¨
कॉनà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‡à¤‚टल खाने में किसी à¤à¥€ तरह का पाटे- वेजिटेबल या मांस से बना हà¥à¤†
मà¥à¤²à¤¾à¤¯à¤®, फंगस से पकाई गई चीज़ जैसे बà¥à¤°à¥‡à¤ˆ
बà¥à¤²à¥‚-वेनà¥à¤¡ चीज़
जहां फंफूदी को à¤à¥‹à¤œà¤¨ पर लगा देखा जा सकता है, वहीं लिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ को आमतौर पर à¤à¥‹à¤œà¤¨ पर लगा देखा नहीं जा सकता। यह à¤à¥‹à¤œà¤¨ की सतह पर चिपचिपा सा सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤® जैसी परत के तौर पर लग जाता है। à¤à¥‹à¤œà¤¨ को फà¥à¤°à¥€à¤œ करने पर à¤à¥€ लिसà¥à¤Ÿà¤¿à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ बना रहता है और यह कम तापमान पर à¤à¥€ धीरे-धीरे बढ़ना जारी रखता है, जैस कि फà¥à¤°à¤¿à¤œ आदि में।
टोकà¥à¤¸à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤®à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸
टोकà¥à¤¸à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤®à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ à¤à¤• परजीवी से होने वाला इनफेकà¥à¤¶à¤¨ है। यह दà¥à¤°à¥à¤²à¤ है, मगर अजनà¥à¤®à¥‡ शिशॠको गंà¤à¥€à¤° रूप से पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है और दृषà¥à¤Ÿà¤¿ से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ व तंतà¥à¤°à¤¿à¤•ा संबंधी समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं का कारण बन सकता है। आप निमà¥à¤¨ उपाय आजमाकर टोकà¥à¤¸à¥‹à¤ªà¥à¤²à¤¾à¤¸à¤®à¥‹à¤¸à¤¿à¤¸ होने का खतरा कम कर सकती हैं:
मांस और रेडिमेड à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥€ तरह पकाà¤à¤‚ और कोलà¥à¤¡ कà¥à¤¯à¥‹à¤°à¥à¤¡ मांस जैसे कि सलामी आदि का सेवन न करें।
फलों और सबà¥à¤œà¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ को अचà¥à¤›à¥‡ से धोà¤à¤‚ ताकि मिटà¥à¤Ÿà¥€ या गंदगी हट जाà¤à¥¤
बिलà¥à¤²à¥€ का मल या बाग-बगीचे की मिटà¥à¤Ÿà¥€ छूनें से पहले दसà¥à¤¤à¤¾à¤¨à¥‡ पहने या फिर किसी और से यह काम करने को कहें।
सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾
सालà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‡à¤²à¤¾ बैकà¥à¤Ÿà¥€à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ की वजह से à¤à¥‹à¤œà¤¨ विषाकà¥à¤¤à¤¤à¤¾ हो सकती है। इससे आपके शिशॠको तो शायद नà¥à¤•सान न पहà¥à¤‚चे मगर आपको बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ उलà¥à¤Ÿà¥€ और दसà¥à¤¤ (डायरिया), पेट दरà¥à¤¦, सिरदरà¥à¤¦ और तेज बà¥à¤–ार हो सकता है। आपको निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥à¥‹à¤‚ के सेवन से यह इनफेकà¥à¤¶à¤¨ हो सकता है:
कचà¥à¤šà¥‡ या हलà¥à¤•े पके अंडे या कचà¥à¤šà¥‡ अंडो से बने खादà¥à¤¯ पदारà¥à¤¥ जैसे मैयोनीज़
कचà¥à¤š या अधपका मांस
कचà¥à¤šà¥€ सीपदार मछली
हमेशा अंडों को सफेदी और जरà¥à¤¦à¥€ ठोस होने तक पकाà¤à¤‚। गà¥à¤°à¤¿à¤² किà¤, तंदूरी या बारà¥à¤¬à¥‡à¤•à¥à¤¯à¥‚ किठमांस के सेवन में सावधानी बरतें। ये बाहर से चाहे अचà¥à¤›à¥€ तरह पके ​हà¥à¤ लग सकते हैं, मगर हो सकता है अंदर से पूरी तरह पके हà¥à¤ न हों। मांस का सबसे मोटा हिसà¥à¤¸à¤¾ चाकू से काटकर देखें। इसमें गà¥à¤²à¤¾à¤¬à¥€ अंश नहीं होना चाहिठऔर साफ रस निकलना चाहिà¤à¥¤
कचà¥à¤šà¥‡ मांस का काम करने के बाद बरà¥à¤¤à¤¨, चॉपिंग बोरà¥à¤¡ और अपने हाथों को अचà¥à¤›à¥€ तरह धोà¤à¤‚। कचà¥à¤šà¥‡ à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ को रेडी-टू-ईट à¤à¥‹à¤œà¤¨à¥‹à¤‚ से अलग रखें।
खाना छूने से पहले अपने हाथ धोà¤à¤‚, विशेषतौर पर यदि आपने अà¤à¥€ शौचालय इसà¥à¤¤à¥‡à¤®à¤¾à¤² किया है, बचà¥à¤šà¥‡ की नैपी बदली है या फिर पालतू या किसी अनà¥à¤¯ जानवर को छà¥à¤† है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में à¤à¥‹à¤œà¤¨ सà¥à¤µà¤šà¥à¤›à¤¤à¤¾ और बाहर खाना खाते समय की सावधानियों के बारे में और अधिक पà¥à¥‡à¤‚ ।
4. आयरन का सà¥à¤¤à¤° ऊंचा रखें
à¤à¤¾à¤°à¤¤à¥€à¤¯ महिलाओं में आयरन की कमी वाला à¤à¤¨à¥€à¤®à¤¿à¤¯à¤¾ दà¥à¤¨à¤¿à¤¯à¤¾à¤à¤° में सबसे जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ है। इसका मतलब यह है कि हमारे देश में बहà¥à¤¤ सी महिलाओं में गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ होने से पहले से ही आयरन की कमी होती है। आपको हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ बनाने के लिठआयरन की जरà¥à¤°à¤¤ होती है। हीमोगà¥à¤²à¥‹à¤¬à¤¿à¤¨ लाल रकà¥à¤¤ कोशिकाओं में पाया जाने वाला पà¥à¤°à¥‹à¤Ÿà¥€à¤¨ है, जो शरीर के विà¤à¤¿à¤¨à¥à¤¨ अंगों तथा ऊतकों में ऑकà¥à¤¸à¥€à¤œà¤¨ पहà¥à¤‚चाने का काम करता है।
डॉकà¥à¤Ÿà¤° दà¥à¤µà¤¾à¤°à¤¾ बताठगठअनà¥à¤ªà¥‚रकों (सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸) के अलावा परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में आयरन से à¤à¤°à¤ªà¥‚र à¤à¥‹à¤œà¤¨ खाà¤à¤‚, ताकि आपका आयरन सà¥à¤¤à¤° ऊंचा रहे। शाकाहारी आहार में आमतौर पर आयरन की मातà¥à¤°à¤¾ कम होती है। इसलिठअगर आप शाकाहारी हैं, तो आपको अपने आयरन के सेवन पर धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ देना बहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ है।
अपने आयरन के सà¥à¤¤à¤° को बढ़ाने के लिठइन आसान तरीकों को आजमाà¤à¤‚। आयरन का सà¥à¤¤à¤° ऊंचा रखने में मददगार हमारी इस गाइड का पà¥à¤°à¤¿à¤‚ट à¤à¥€ ले सकती हैं।
5. पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚टà¥à¤¸ लें
पà¥à¤°à¥‡à¤—नेंसी के पहले तीन महीनों में आपको फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ अनà¥à¤ªà¥‚रक लेना होगा। फॉलिक à¤à¤¸à¤¿à¤¡ लेने से शिशॠमें नà¥à¤¯à¥‚रल टà¥à¤¯à¥‚ब दोष जैसे कि सà¥à¤ªà¤¾à¤‡à¤¨à¤¾ बिफिडा विकसित होने का खतरा कम होता है।
दूसरी तिमाही की शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤ से आपको आयरन अनà¥à¤ªà¥‚रक और विटामिन डी से फोरà¥à¤Ÿà¤¿à¤«à¤¾à¤‡à¤¡ कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® अनà¥à¤ªà¥‚रक रोजाना लेना होगा। शिशॠके असà¥à¤¥à¤¿-पंजर के विकास और à¤à¤µà¤¿à¤·à¥à¤¯ में सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ हडà¥à¤¡à¤¿à¤¯à¥‹à¤‚ के लिठविटामिन डी लेना बहà¥à¤¤ जरà¥à¤°à¥€ है।
आपको आयरन, कैलà¥à¤¶à¤¿à¤¯à¤® और विटामिन डी अनà¥à¤ªà¥‚रक गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंत तक और सà¥à¤¤à¤¨à¤ªà¤¾à¤¨ के दौरान लेने होंगे। इनकी खà¥à¤°à¤¾à¤• आपके सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ और आहार पर निरà¥à¤à¤° करेगी, जैसे कि आप शाकाहारी है, वीगन हैं या मांसाहारी हैं।
मछली का तेल (फिश ऑयल) का शिशॠके जनà¥à¤® वजन पर और गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के अंत में शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• और नसों के विकास में सकारातà¥à¤®à¤• असर देखा गया है।
कोशिश करें कि तैलीय मछलियों जैसे कि à¤à¤¿à¤‚ग, बांगड़ा, रावस और पेड़वे आदि का सेवन सपà¥à¤¤à¤¾à¤¹ में दो बार करें।
ओमेगा-3 फैटी à¤à¤¸à¤¿à¤¡ के शाकाहारी सà¥à¤¤à¥à¤°à¥‹à¤¤ à¤à¥€ हैं जैसे कि सोयाबीन, अखरोट, अलà¥à¤¸à¥€, कदà¥à¤¦à¥‚ के बीज और अंकà¥à¤°à¤¿à¤¤ दाल-दलहन।
यदि आपको लगे कि आपको अपने आहार से परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ मातà¥à¤°à¤¾ में ओमेगा-3 नहीं मिल रहा है, तो डॉकà¥à¤Ÿà¤° से इसके सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट के बारे में बात करें।
à¤à¤¸à¤¾ सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट चà¥à¤¨à¥‡ जिसपर फिश लीवर ऑयल की बजाय ओमेगा-3 ऑयल लिखा हो। à¤à¤¸à¤¾ इसलिठकà¥à¤¯à¥‹à¤‚कि फिश लीवर ऑयल जैसे कि कॉड लीवर ऑयल आदि में रेटिनॉल हो सकता है। यह विटामिन ठका ही à¤à¤• पà¥à¤°à¤•ार है, जो आपके गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠके लिठनà¥à¤•सानदेह हो सकता है। बाजार में शाकाहारी और मांसाहारी दोनों तरह के विकलà¥à¤ª उपलबà¥à¤§ हैं।
याद रखें कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में लिठजाने वाले विटामिन अनà¥à¤ªà¥‚रक संतà¥à¤²à¤¿â€‹à¤¤ आहार का विकलà¥à¤ª नहीं हैं। मगर यदि आपको लगे कि आप सही ढंग से खा-पी नहीं रही हैं या फिर मिचली की वजह से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं खा पा रही हैं, तो ये आपकी मदद कर सकते हैं।
किसी à¤à¥€ तरह के सपà¥à¤²à¥€à¤®à¥‡à¤‚ट, हरà¥à¤¬à¤² उपचार या बिना डॉकà¥à¤Ÿà¤°à¥€ परà¥à¤šà¥€ के दवा लेने से पहले हमेशा डॉकà¥à¤Ÿà¤° से बात करें। इनमें कà¥à¤› à¤à¤¸à¥€ सामगà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾à¤‚ हो सकती हैं, जो गरà¥à¤ में पल रहे शिशॠको नà¥à¤•सान पहà¥à¤‚चा सकती हैं।
6. नियमित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करें
नियमित रूप से वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने के आपके लिठबहà¥à¤¤ से फायदे हैं और आपके जरिये शिशॠको à¤à¥€ इसका लाठमिलेगा। हलà¥à¤•े वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® करने के निमà¥à¤¨à¤¾à¤‚कित फायदे हैं:
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान आपकी अवसà¥à¤¥à¤¾ (पोसà¥à¤šà¤°) में हो रहे बदलाव और जोड़ों पर पड़ रहे जोर का सामना करने में मदद
सà¥à¤µà¤¸à¥à¤¥ वजन बनाठरखने में मदद, हालांकि, गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान कà¥à¤› वजन बढ़ना सामानà¥à¤¯ है।
आपको गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में हाई बà¥à¤²à¤¡ पà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤° जैसी जटिलताओं से बचाने में मदद करता है।
बिना किसी जटिलता के डिलीवरी की संà¤à¤¾à¤µà¤¨à¤¾ बढ़ाता है।
शिशॠके जनà¥à¤® के बाद आपका पहले वाले आकार में आना आसान बनाता है।
यदि आप उदास महसूस कर रही हों, तो यह आपके मूड को बेहतर करने में मदद कर सकता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठउचित वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ में शामिल हैं:
टहलना और बà¥à¤°à¤¿à¤¸à¥à¤• वॉक
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ योग
पिलाटे
सà¥à¤µà¤¿à¤®à¤¿à¤‚ग या à¤à¤•à¥à¤µà¤¾à¤¨à¥‡à¤Ÿà¤² कà¥à¤²à¤¾à¤¸
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के लिठबेहतरीन वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤®à¥‹à¤‚ पर हमारा यह सà¥à¤²à¤¾à¤‡à¤¡à¤¶à¥‹ देखें।
याद रखें कि कà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® न करें। साथ ही शरीर का तापमान जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ नहीं बढ़ना चाहिठऔर आपको निरà¥à¤œà¤²à¤¿à¤¤ (डिहाइडà¥à¤°à¥‡à¤¶à¤¨) à¤à¥€ महसूस नहीं होना चाहिà¤à¥¤ धà¥à¤¯à¤¾à¤¨ रहे कि हर वà¥à¤¯à¤•à¥à¤¤à¤¿ अलग है और हर गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ à¤à¥€ अलग होती है। किसी à¤à¥€ तरह की à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ शà¥à¤°à¥ करने या जारी रखने से पहले डॉकà¥à¤Ÿà¤° की अनà¥à¤®à¤¤à¤¿ ले लें।
अपने वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® पà¥à¤°à¤¶à¤¿à¤•à¥à¤·à¤• को अपनी गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के बारे में अवशà¥à¤¯ बताà¤à¤‚ या फिर विशेषतौर पर गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं के लिठचल रहीं à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ कà¥à¤²à¤¾à¤¸ में जाà¤à¤‚।
यदि आप कोई खेल खेलती हैं, तो इसे जारी रखने के बारे में डॉकà¥à¤Ÿà¤° से पूछें। आप जो सà¥à¤ªà¥‹à¤°à¥à¤Ÿ खेलती हैं या à¤à¤•à¥à¤Ÿà¤¿à¤µà¤¿à¤Ÿà¥€ करती है, यदि उसमें गिरने या धकà¥à¤•ा लगने का खतरा हो या फिर जोड़ो पर जोर पड़ता हो, तो बेहतर है कि इसे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में बंद कर दें।
7. कीगलà¥à¤¸ (पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤° à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ) शà¥à¤°à¥ करें
आपकी शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल (पेलà¥à¤µà¤¿à¤• फà¥à¤²à¥‹à¤°) शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ के तले पर मांसपेशियों के à¤à¥‚ले के समान होती हैं। ये मांसपेशियां आपके मूतà¥à¤°à¤¾à¤¶à¤¯, योनि और गà¥à¤¦à¤¾ को सहारा देती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान पड़ने वाले अतिरिकà¥à¤¤ दबाव के कारण ये सामानà¥à¤¯ से कमजोर हो सकती हैं। गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨ à¤à¥€ आपकी शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मांसपेशियों को थोड़ा शिथिल कर सकते हैं।
कमजोर शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मांसपेशियों के कारण मूतà¥à¤° असंयमितता (सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤¸ इनà¥à¤•नà¥à¤Ÿà¤¿à¤¨à¥‡à¤¨à¥à¤¸) पैदा होने का जोखिम रहता है। जिससे जब आप छींकती, हंसती या à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ करती हैं, तो थोड़ी मातà¥à¤°à¤¾ में पेशाब निकल जाता है।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान नियमित शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मांसपेशीय वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® या कीगलà¥à¤¸ करने से मांसपेशियों को मजबूत बनाने में मदद मिल सकती है। दिन में तीन बार आठ-आठबार शà¥à¤°à¥‹à¤£à¤¿ मंजिल की मांसपेशियों को à¤à¥€à¤‚चने से आपको इसका फायदा मिलेगा।
8. शराब का सेवन सीमित मातà¥à¤°à¤¾ में करें
आप कोई à¤à¥€ शराब पीà¤à¤‚, वह तà¥à¤°à¤‚त आपके शिशॠतक रकà¥à¤¤à¤ªà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ और अपरा के जरिठपहà¥à¤‚चती है।
यह जानने का कोई सटीक तरीका नहीं है कि गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ में कितनी मातà¥à¤°à¤¾ में शराब का सेवन सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ है। इसलिठबहà¥à¤¤ से विशेषजà¥à¤ž गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान शराब का सेवन कम या पूरी तरह बंद करने की सलाह देते हैं।
पहली तिमाही और तीसरी तिमाही में शराब न पीना विशेषतौर पर जरà¥à¤°à¥€ है।
पहली तिमाही में शराब पीने से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा बढ़ जाता है, वहीं तीसरी तिमाही में यह शिशॠके मसà¥à¤¤à¤¿à¤·à¥à¤• के विकास को पà¥à¤°à¤à¤¾à¤µà¤¿à¤¤ कर सकता है।
इसलिठसलाह यह दी जाती है कि आप पहली तिमाही में शराब का सेवन पूरी तरह बंद कर दें। यदि आप इसके बाद शराब पीना चाहें, तो à¤à¤• या दो यूनिट से जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ न पीà¤à¤‚ वह à¤à¥€ हफà¥à¤¤à¥‡ में केवल à¤à¤• या दो बार।
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शराब पीना आपके शिशॠके लिठखतरनाक हो सकता है।
नियमित तौर पर बहà¥à¤¤ जà¥à¤¯à¤¾à¤¦à¤¾ शराब पीने वाली गरà¥à¤à¤µà¤¤à¥€ महिलाओं में फीटल à¤à¤²à¥à¤•ोहॉल सà¥à¤ªà¥‡à¤•à¥à¤Ÿà¥à¤°à¤® डिसॉरà¥à¤¡à¤° (à¤à¤«à¤à¤à¤¸à¤¡à¥€) से गà¥à¤°à¤¸à¤¿à¤¤ बचà¥à¤šà¥‡ को जनà¥à¤® देने का खतरा बढ़ जाता है। à¤à¤¸à¥‡ शिशà¥à¤“ं में पढ़ना-लिखना सीखने की अकà¥à¤·à¤®à¤¤à¤¾ से लेकर गंà¤à¥€à¤° जनà¥à¤® दोष तक हो सकते हैं।
9. कैफीन का सेवन कम करें
अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• कैफीन के सेवन से गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤ का खतरा बढ़ सकता है। कैफीन कॉफी, चाय, कोला, चॉकलेट और कà¥à¤› à¤à¤¨à¤°à¥à¤œà¥€ पेयों में पाई जाती है।
कà¥à¤› विशेषजà¥à¤žà¥‹à¤‚ का मानना है कि अतà¥à¤¯à¤¾à¤§à¤¿à¤• कैफीन के सेवन से कम जनà¥à¤® ​वजन शिशॠका जोखिम बढ़ सकता है, हालांकि, इस पर अà¤à¥€ और अधिक शोध की जरà¥à¤°à¤¤ है।
वरà¥à¤¤à¤®à¤¾à¤¨ निरà¥à¤¦à¥‡à¤¶à¥‹à¤‚ के अनà¥à¤¸à¤¾à¤° à¤à¤• दिन में 200 मि.गà¥à¤°à¤¾. कैफीन से आपके गरà¥à¤à¤¸à¥à¤¥ शिशॠको नà¥à¤•सान नहीं पहà¥à¤‚चेगा। यह मातà¥à¤°à¤¾ दो बड़े कप इंसà¥à¤Ÿà¥‡à¤‚ट कॉफी के बराबर है।
जैसा कि शराब के लिठकहा जाता है, वैसे ही आप चाहे तो कैफीन का सेवन पूरी तरह बंद कर सकती हैं। विशेषकर की पहली तिमाही में। कैफीन मà¥à¤•à¥à¤¤ चाय व कॉफी सà¥à¤°à¤•à¥à¤·à¤¿à¤¤ विकलà¥à¤ª हैं। या​ ​फिर आप कैफीन की बजाय इन सेहतमंद और पौषà¥à¤Ÿà¤¿à¤• पेयों को आजमा सकती हैं।
10. धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ नहीं करें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के दौरान धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करना आपके और आपके शिशॠके लिठगंà¤à¥€à¤° सà¥à¤µà¤¾à¤¸à¥à¤¥à¥à¤¯ समसà¥à¤¯à¤¾à¤à¤‚ पैदा कर सकता है। धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ से इन जोखिमों का खतरा बढ़ जाता है:
समय से पहले जनà¥à¤®
जनà¥à¤® के समय कम वजन (लो बरà¥à¤¥ वेट)
मृत शिशॠका जनà¥à¤® (सà¥à¤Ÿà¤¿à¤²à¤¬à¤°à¥à¤¥)
कॉट डेथ (à¤à¤¸à¤†à¤ˆà¤¡à¥€à¤à¤¸
गरà¥à¤à¤ªà¤¾à¤¤
असà¥à¤¥à¤¾à¤¨à¤¿à¤• गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ (à¤à¤•à¥à¤Ÿà¥‹à¤ªà¤¿à¤•)
अपरा का खंडन, जहां अपरा शिशॠके जनà¥à¤® से पहले ही गरà¥à¤à¤¾à¤¶à¤¯ की दीवार से टूट कर अलग हो जाती है।
अगर आप धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करती हैं, तो बेहतर है कि अपनी और शिशॠकी सेहत के लिठइसे बंद कर दें। जितना जलà¥à¤¦à¥€ आप धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़े, उतना जलà¥à¤¦à¥€ अचà¥à¤›à¤¾ होगा।
अपने पति और परिवार के सदसà¥à¤¯à¥‹à¤‚ को धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ने के लिठपà¥à¤°à¥‹à¤¤à¥à¤¸à¤¾à¤¹à¤¿à¤¤ करें या कम से कम घर के अंदर धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ करने से बचने के लिठकहें।
यदि आपको धूमà¥à¤°à¤ªà¤¾à¤¨ छोड़ने में मà¥à¤¶à¥à¤•िल हो रही है, तो आप अपनी डॉकà¥à¤Ÿà¤° से à¤à¥€ मदद ले सकती हैं। वे शायद आपको इसके कà¥à¤› मददगार विकलà¥à¤ª बता सकें।
11. आराम जरूर करें
गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ के शà¥à¤°à¥à¤†à¤¤à¥€ म​हीनों में आप जो थकान महसूस करती हैं, वह आपके शरीर में संचारित हो रहे गरà¥à¤à¤¾à¤µà¤¸à¥à¤¥à¤¾ हॉरà¥à¤®à¥‹à¤¨à¥‹à¤‚ के उचà¥à¤š सà¥à¤¤à¤° की वजह से होता है।
बाद में यह थकान रात में बार-बार पेशाब के लिठउठने या फिर बढ़े पेट की वजह से आराम से न सो पाने के कारण हो सकता है।
करवट लेकर सोने की आदत डालें। तीसरी तिमाही में करवट लेकर सोने से शिशॠतक रकà¥à¤¤ का पà¥à¤°à¤µà¤¾à¤¹ बेहतर रहता है। करवट लेकर सोने से मृत शिशॠके जनà¥à¤® का खतरा पीठके बल सोने की तà¥à¤²à¤¨à¤¾ में कम होता है।
यदि रात में आपकी नींद में खलल पड़ता है, तो दिन में à¤à¤ªà¤•ी ले लें या फिर रात में जलà¥à¤¦à¥€ सो जाà¤à¤‚। यदि यह कर पाना à¤à¥€ संà¤à¤µ न हो तो कम से कम आधे घंटे या अधिक के लिठअपने पांवों को आराम देते हà¥à¤ थोड़ा विशà¥à¤°à¤¾à¤® करें।
यदि पीठदरà¥à¤¦ की वजह से आप सो नहीं पा रही हैं, तो करवट लेकर घà¥à¤Ÿà¤¨à¥‡ मोड़कर सोने से मदद मिल सकती है। वेज आकार के तकिये को अपने कूलà¥à¤¹à¥‹à¤‚ के नीचे लगाà¤, इससे पीठपर जोर कम पड़ेगा।
दोपहर में à¤à¤• à¤à¤ªà¤•ी आपके और आपके शिशॠदोनों के लिठलाà¤à¤•ारी है। कामकाज में किसी और की मदद लें। सà¥à¤µà¤¯à¤‚ को परà¥à¤¯à¤¾à¤ªà¥à¤¤ आराम मिले यह सà¥à¤¨à¤¿à¤¶à¥à¤šà¤¿à¤¤ करने के लिठअपने काम के घंटे कम कर सकती हैं और जहां तक संà¤à¤µ हो सामाजिक कारà¥à¤¯à¤•à¥à¤°à¤®à¥‹à¤‚ या पारà¥à¤Ÿà¥€ में जाना कम कर सकती हैं। अचà¥à¤›à¥€ नींद पाने के ये उपाय आप आजमा सकती हैं।
à¤à¤•à¥à¤¸à¤°à¤¸à¤¾à¤‡à¤œ से à¤à¥€ आपको पीठदरà¥à¤¦ से कà¥à¤› राहत मिल सकती है। य​ह नींद से जà¥à¤¡à¤¼à¥€ समसà¥à¤¯à¤¾à¤“ं में à¤à¥€ मदद कर सकता है। बस आप सोने के समय के आसपास वà¥à¤¯à¤¾à¤¯à¤¾à¤® न करें।
चिंतामà¥à¤•à¥à¤¤ होकर सोने या रात में आंख खà¥à¤²à¤¨à¥‡ के बाद फिर से सोने के लिठआप ये रिलैकà¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ तकनीक आजमा सकती हैं:
पà¥à¤°à¤¸à¤µà¤ªà¥‚रà¥à¤µ योग
​सà¥à¤Ÿà¥à¤°à¥‡à¤šà¤¿à¤‚ग
गहन शà¥à¤µà¤¸à¤¨ कà¥à¤°à¤¿à¤¯à¤¾ और पà¥à¤°à¤¾à¤£à¤¾à¤¯à¤¾à¤®
मानसिक चितà¥à¤°à¤£, गहन रिलैकà¥à¤¸à¥‡à¤¶à¤¨ (योग निदà¥à¤°à¤¾)
मालिश
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